जानिए इस खास कार्तिकी पूर्णिमा एवं गुरु पर्व का महत्व

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कार्तिक पूर्णिमा का त्यौहार हिंदू धर्म का विशेष त्यौहार है इस दिन श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान करते हैं तथा इस दिन को दीपदान,अन्ना,वस्त्र दान किये जाते है| यह पूर्णिमा गंगा स्नान के लिए विशेष लाभकारी है इस दिन पूजा-हवन, वस्त्र दान, ब्राह्मणों तथा गरीबों को भोजन कराने का विशेष महत्वा है | इस पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जानते हैं. क्योंकि इस दिन भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का वध किया था तभी से भगवान भोले को त्रिपुरारी नाम से भी जाना जाता है |

यह दिन इसलिए भी खास होता है क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु ने मत्स्य (मछली) का रूप धारण किया था, विष्णु जी के 10 अवतारों में से यह प्रथम अवतार था  जिसमें उन्होंने मछली का रूप धारण किया था | भगवान विष्णु  एवं माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है |

गुरु नानक जयंती 2018

इसी कार्तिक पूर्णिमा के दिन गुरु नानक जी का जन्म हुआ था यह पर्व देश भर में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है | इस दिन श्रद्धालु अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में भारी भीड़ में गुरुवाणी सुनने के लिए जाते हैं | यह त्यौहार सिख समुदाय के लिए विशेष महत्त्व रखता है | गुरु नानक जी की जयंती को गुरु पर्व एवं प्रकाश पर्व के नाम से भी जानते हैं |

कार्तिक पूर्णिमा 2018 पर कीजिए शुभ कार्य :

  1. कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है | पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगा में स्नान करने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं |

2. यह दिन भगवान विष्णु के लिए विशेष शुभकारी माना गया है, भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए “ओम नमो       भगवते वासुदेवाय” का पाठ करना चाहिए |

3. चंद्रमा के निकलने के बाद दूध तथा पानी से अर्घ देना चाहिए, इस कार्तिक पूर्णिमा को चंद्रमा बढ़ा तथा चमकदार दिखाई  देता है |

4. इस दिन पीपल की पूजा करनी चाहिए एवं पीपल के पेड़ के पास शाम को दीपक जलाना चाहिए |

5. इस पूर्णिमा को दीपदान का भी विशेष महत्व है, इस दिन शाम को गंगा नदी के तट, तुलसी के वृक्ष के पास एवं मंदिरों में दिए जलाए जाने चाहिए |

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